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हमारा मेडिकल क्लीनिक

हॉलिस्टिक सेवाएं

आकलन और पद्धतियाँ
चिकित्सा आकलन  back to top
आरंभिक विजिट में हमारे दो चिकित्सकों में से एक द्वारा घंटे भर का एक आकलन किया जाता है. इस दौरान आपकी सम्पूर्ण शारीरिक जांच होगी और चिकित्सक द्वारा अनुमोदित प्रयोगशाला परीक्षण भी हो सकते हैं. आपकी मदद से हमारे चिकित्सक आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं का परिकलन करेंगे और आपके हित में सर्वाधिक उपयुक्त निदान विधि का चयन करेंगे.
मेरीडियन तनाव का आकलन  back to top

biomeridian toolआकलन के एक साधन के रूप में अपनी प्रभावशीलता के कारण पूरे विश्व में जानी-पहचानी तनाव आकलन की मेरीडियन विधि पूरी शारीरिक प्रणाली में विशेष विंदुओं पर (जिन्हे मेरीडियन प्वाइंट्स के नाम से जाना जाता है) ऊर्जा के प्रवाह को मापती है. इससे हमारे चिकित्सक को विषंगतियों के संभावित क्षेत्रों को पहचानने तथा तदनुसार सुझाव या चिकित्सा अनुशंसित करने में मदद मिलती है.

इस आकलन विधि की शक्ति इस बात में निहित है कि यह इष्टतम उपचार के निर्धारण में चिकित्सक को सहायता देने के लिये मरीज़ के सम्बन्ध में बहुआयामी सूचना-स्रोतों को समेकित कर सकने मे सक्षम है.
सजीव रक्त परीक्षण  back to top

live blood on monitorएक अंगुली से प्रजीवित रक्त निकालकर डार्कफील्ड माइक्रोस्कोप के ज़रिये एक स्लाइड पर डाला जाता है. इस प्रक्रिया में रक्त के कई घटक कणों की आउटलाइनिंग और कोशिका के अन्दर संरचना करते हुए गहरी पृष्ठभूमि में फॉस्फोरेसेंट बनकर उभर आते हैं. इसके कारण जीवित घटकों को सीधे वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है. मानक जांच में सजीव रक्त का प्रयोग नहीं किया जाता, अत: वह सीमित होता है.

लाल कोशिकाओं के निरीक्षण से आम तौर पर हम उपापचय (मेटाबॉलिज्म) और खास रूप से पाचन प्रणाली की वर्तमान स्थिति के बारे मे बता सकते हैं. दूसरी ओर, श्वेत रक्तकण के परीक्षण से हमें रोग-प्रतिरोधक प्रणाली का अध्ययन करने मे सहायता मिलती है जबकि माइक्रोब्स की संरचना से हमें यह पता चलता है कि रोग कहीं शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली पर हाबी तो नहीं हो रहा है. इससे हमें रक्त के लचीलेपन तथा अन्य महत्वपूर्ण कारकों के बारे मे जानने में भी मदद मिलती है.
समग्र (हॉलिस्टिक) पोषण परामर्श  back to top

हमारा पोषण परामर्श और अनुमोदन उपापचय के संतुलन को प्राप्त करने के लिये सम्पूर्ण एवं जैविक आहार के उपयोग पर आधारित है. हॉलिस्टिक पोषण तथा स्वास्थ्य शिक्षा सम्बन्धी हमारी अवधारणा प्रत्येक व्यक्ति के लिये आदर्श आहार और जीवन-शैली की तलाश में निहित है.

हम एक खास सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल करते हैं जिसकी सहायता से पोषक आहार की मात्रा का विश्लेषण किया जा सकता है और पोषक तत्वों की कमियों का ब्योरा भी प्राप्त किया जा सकता है. उद्देश्य चाहे जो भी हो - वज़न कम करना या आरोग्य की प्राप्ति - इस कार्यक्रम के ज़रिये हर एक व्यक्ति के लिये विशिष्ट एवं उच्च रूप से मनोवांछित आहार-योजना तय करने में मदद मिलती है.
एक्युपंक्चर  back to top
acupunctureऍक्युपंक्चर हमारे शरीर के मेरीडियन प्रवाहपथ में विद्युत-धारा के संवितरण को नियंत्रित करता है, जिनका सम्बन्ध विशेष अवयवों से होता है. इस प्रकार इससे हमारी शारीरिक प्रक्रिया प्रभावित होती है. अनेक परिस्थितियों, जैसेकि पाचन-प्रणाली, स्नायु, श्वसन तंत्र तथा रक्त परिवहन सम्बन्धी गड़बड़ियों और साथ ही एलर्जी, सर दर्द, गर्दन एवं पीठ के दर्द इत्यादि में ऍक्युपंक्चर एक बडी ही कारगर चिकित्सा रही है.
कोर्यो हैंड एनर्जेटिक्स  back to top

koryoकोर्यो हैंड इनर्जेटिक्स एक प्रकार का ऍक्युप्रेशर और 'मॉक्सीबस्टन' है जो केवल हाथों के उपचार के उपचार के अधार पर सम्पूर्ण शरीर को प्रभावित करता है.

शरीर के हर अंग का एक प्रतिरूप "परावर्तन विन्दु" हाथों में होता है. रोग, दर्द और तनाव "नर्म केन्द्रों" के रूप में हाथों में परिलक्षित होते हैं. इस तकनीक के उपयोग से शरीर के किसी भी हिस्से का उपचार किया जा सकता है. सभी ज्ञात ऍक्युविन्दु और मेरीडियन हाथों में सूक्ष्म रूप में होते हैं.
ऑन्डमेड (Ondamed®)  back to top

ondamed treatmentऑन्डमेड® एक विद्युत-चुम्बकीय बारंबारता प्रणाली है जिससे विद्युत-चुम्बकीय उत्प्रेरण पर आधारित उच्च रूप से विशिष्ट जैव-शारीरिक विश्लेषण प्राप्त होता है. यह त्वरित रूप से हमारी शारीरिक प्राथमिकताओं की स्कैनिंग करता है, हस्तक्षेप करने वाले क्षेत्रों का पता लगाता है और व्यक्ति को समस्थिति में लाने के लिये आवश्यक बारंबारता तत्क्षण ही सृजित कर देता है. इस प्रकार हम संतुलन की स्थिति मे आ जाते हैं.

ऑन्डमेड® एक व्यापक प्रणाली है जो मानवीय संवेदना क्षेत्र से बाहर ध्वनि एवं वर्ण (रंग) की फ्रिक्वेन्सी को एकीकृत करने का काम करता है. ऑन्डमेड® सत्र के दौरान आपको एक हल्की-सी झनझनाहट भरी सनसनी महसूस हो सकती है, आप उन्मुक्त अनुभव कर सकते हैं, या हो सकता है कि आपको कोई भी अनुभव ना हो. आराम महसूस करने, तरोताज़ा होने तथा ज़्यादा स्पष्टता से सोच सकने की शक्ति महसूस करने जैसे अनुभव के बारे में हमें आम तौर पर रिपोर्ट मिले हैं.
शीत लेजर चिकित्सा  back to top

red lightsशीत लेज़र चिकित्सा एक प्रकार की विद्युत चिकित्सा (electrotherapy) है. यह विशिष्ट रूप से घावों के ऊपर लाल एवं लगभग अवरक्त प्रकाश का अवलेप है जिससे नर्म ऊतकों को स्वस्थ करने तथा जटिल एवं पुराने से पुराने दर्द के निवारण में सहायता मिलती है. शीत लेज़र चिकित्सा में शीतल एवं उपतापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा से शरीर की कोशिकाओं में जैव-उत्प्रेरित प्रकाश-ऊर्जा को निर्देशित किया जाता है.

किसी क्षति अथवा आवश्यकता से अधिक दवाब की स्थिति में अ-तापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा स्नायु एवं नर्म ऊतक कोशिकाओं की पुनर्स्थिति बहाल करने में उनकी सहायता करती है और इस प्रकार उन स्नायुओं एवं कोशिकाओं को आरोग्य प्राप्त होता है. इस प्रकार के उत्प्रेरण से प्रतिशोथ (ऐंटी-इन्फ़्लैमेट्री) एवं रोग-प्रतिरोध सहायक दोनों ही प्रकार के प्रभावों के साथ स्वास्थ्य सुधार की दर में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है.

शीत लेज़र चिकित्सा एक ऐसी प्रक्रिया विकसित करती है जिससे दर्द, शोथ (इन्फ़्लैमेशन) तथा जलशोथ (एडीमा) में कमी आती है और उपापचय (मेटाबॉलिज्म), रक्त परिवहन और ऊतकों को निरोगी बनाने के कार्य में सुधार होता है.

उपचार 15–20 मिनट चलते हैं और पांच सप्ताह की अवधि में प्रति सप्ताह तीन बार दिये जाते हैं.
जीव-समरूप हॉर्मोन प्रस्थापन चिकित्सा  back to top
जीव-समरूप हॉर्मोन प्रस्थापन चिकित्सा में आपके शरीर द्वारा व्युत्पन्न जीव-समरूप हॉर्मोनों का उपयोग किया जाता है. कृत्रिम हॉर्मोनों से विपरीत - जोकि प्रायः गर्भित घोड़ी के मूत्र से प्राप्त किये जाते हैं - जीव-समरूप हॉर्मोन पौधों से प्राप्त किये जाते हैं, जैसेकि याम या सोयाबीन के पौधे से, और अपने प्रकार्य में ये मानव हॉर्मोन से मिलते-जुलते होते हैं. यदि आप वर्तमान में इस प्रकार के हॉर्मोन पर हैं या हॉर्मोन प्रस्थापन चिकित्सा के बारे में विचार कर रहे हों, तो कृपया परामर्श हेतु हमसे संपर्क करें.
एग्जर (Exir)  back to top

exirएग्ज़र एक प्राचीन सूफ़ी आरोग्य सिद्धान्त पर आधारित प्रणाली है और लगभग 1400 वर्षों से इसका प्रयोग होता आ रहा है. इस रोग-निवारण कार्यक्रम से शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने मे सहायता मिलती है. यह हर प्रकार के रोगों के निवारण में सक्षम है और हर आयुवर्ग के लोगों के लिये उपयुक्त है - चाहे उनके जो भी धार्मिक विश्वास हों.

इस कार्यक्रम के तहत सम्पूर्ण स्वास्थ्य समीक्षा एवं उपचार शामिल है और इसमें उपचार के 12 सत्र होते हैं जिसमें ऊर्जा चिकित्सा, प्रकाश चिकित्सा, गंध-चिकित्सा, विजुअलाइजेशन और एक खास प्रकार की मालिश शामिल है जिससे शरीर के 13 आवश्यक ऊर्जा-केन्द्र संबलित होते हैं. हम इसके अंतर्गत एक पोषण सम्बन्धी विश्लेषण को भी शामिल किया करते हैं जिसमें आपके शरीर के प्रकार और बनावट के आधार पर खास अनुशंसायें की जाती हैं, एक जर्नल वर्कबुक और कुछ व्यायाम भी अनुमोदित होते हैं.
कपालीय त्रिकास्थि चिकित्सा (क्रैनियल सैक्रल थेरापी)  back to top

cranial sacral therapyयह सीधा-सच्चा, अनाक्रामक स्पर्श-निदान है जिसका उपयोग कपालीय त्रिकास्थि प्रणाली की विषंगतियों और रुकावटों के आकलन और उन्हें दूर करने के लिये किया जाता है. इस प्रक्रिया से केन्द्रीय स्नायु प्रणाली तथा अन्य शरीर-प्रणालियां अवसाद रहित अवस्था को पुनः प्राप्त करती हैं.

इस तकनीक की मदद से पूरी केन्द्रीय स्नायुमंडल प्रणाली में मस्तिष्क मेरु-द्रव्य का प्रवाह अच्छी तरह संचालित होने लगता है. इस प्रकार हमारी स्नायु प्रणाली के समानान्तर, खास तौर पर मस्तिष्क एवं मेरु-रज्जु के आस-पास, अंतःझिल्लियों का सहज स्पन्दन फिर से शुरु हो जाता है. अतएव, हमारा फ़ोकस सीधे अस्थियों या रन्ध्रों पर न होकर इन झिल्लियों पर होता है.

कपालीय त्रिकास्थि निर्गम सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, शारीरिक अभिघात तथा भावनात्मक दुःस्थितियों के व्यापक क्षेत्र में कारगर होता है. यह माइग्रेन, TMJ, बार-बार होने वाले साइनस एवं कानों के संक्रमण, मेरुदंड की क्षतियों, लम्बे समय से चली आ रही क्लान्ति की दशाओं इत्यादि में काफ़ी सुधार ला सकने में सक्षम है.
कलरपंक्चर™ चिकित्सा  back to top

कलरपंक्चर™ विधि में प्राकृतिक आरोग्य में सहायता देने और इसमें तेजी लाने हेतु अंतःकोशिकीय संवाद को वापस बहाल करने या/और उसे उत्प्रेरित करने के लिये बहुआयामी प्रकाश फ्रिक्वेंसीज का उपयोग किया जाता है.

अब वैज्ञानिक यह अनुसंधान कर रहे हैं कि वस्तुतः प्रकाश एक माध्यम है जिसके ज़रिये कोशिकायें संवाद करती हैं और यह अनेक शारीरिक प्रकार्यों का खास आधार है. कलरपंक्चर चिकित्सा में हाथों से पकड़े जा सकने वाले ऍक्युप्रकाश उपकरणों की मदद से - जिसमें खास प्रकार से बने हुए अंतःपरिवर्तनीय ग्लास-छ्ड़ें लगी होती हैं और जो फ़ोकस टिप के माध्यम से अलग-अलग रंगों के प्रकाश बिखेरती हैं - प्रकाश-वर्णों की फ़्रिक्वेंसी को त्वचा पर संकेन्द्रित किया जाता है. हर वर्ण अलग-अलग प्रकाश फ़्रिक्वेन्सी से बना होता है और इस प्रकार अलग-अलग ऊर्जा सूचनाओं का संप्रेषण करता है.

चिकित्सा में एक श्रृंखला में एक प्रस्तावित वर्ण-संरचना वाले खास विंदुओं के सेट शामिल होते हैं. प्रकाश जब त्वचा द्वारा अवशोषित किया जाकर ऊर्जा प्रवाहपथों से होकर शरीर में गहरे प्रवाहित किया जाता है तो इससे अंतःकोशिकीय संवाद उत्प्रेरित होता है जिससे हमें आरोग्य प्राप्त होता है.
कानों की कैंडलिंग  back to top

ear candlingकानों की कैंडलिंग विधि में एक खोखले कैंडल का उपयोग किया जाता है जो आम तौर पर किसी बड़े स्ट्रॉ की तरह होता है. इसमें विज्ञान के साधारण नियम काम में आते हैं. जब कैंडल की लौ अच्छी तरह बैठ जाती है तो वह एक शून्यता उत्पन्न करती है जोकि वैक्स, फंगस, यीस्ट तथा अन्य प्रकार के कचड़ों को कानों से बाहर कैंडल के पेंदे में निकाल देती है.

शून्यता का सृजन लौ से उत्पन्न गर्म हवा तथा कैंडल के खोखले चेम्बर के कारण होता है. वायु प्रणालिका और कैंडल चेम्बर के बीच के दवाब एवं गति के कारण ज़्यादा वेग से हवा का प्रवाह उठता है जिससे कि शून्यता उत्पन्न होती है.

ज़्यादातर कैंडल शत प्रतिशत अनब्लिच्ड मसलिन के बने होते हैं जिसपर शुद्धकृत पैराफ़िन या/और मधुमोम का प्रलेप चढ़ाया हुआ रहता है.

 

 

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